यूं कितने दिनों के बाद, आए हो सपने में मेरे
तनिक बेठो बगल में, रात ही तो है चले जाना सवेरे
कितने दिन हुए ना, न दिया तुमने अपनी बाहों का सिराहना
क्या नींद आई होगी मुझे, बड़ा हो गया हूँ तुमने तो यही माना
झूठ नहीं बोलूँगा तुमसे, दिन में याद नहीं करता था
पर हर रात हमारे आँगन [...]
Archive for April, 2008
Yun kitne dino ke baad
Posted in Dream, God, Hindi, poetry, tagged conversation, Dream, God, Love, me, sleep, u on April 24, 2008 | 1 Comment »